Masti 4 Review: एक दीवाने की दीवानियत जैसी 100 करोड़ी फिल्म देने के बाद मिलाप जावेरी अपनी नई फिल्म मस्ती 4 को लेकर बड़े पर्दे पर लौट चुके है। इस फिल्म को एक नहीं दो नहीं बल्कि सात लोगों ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। पहले तो डायरेक्टर को दाद देनी होगी कि उन्होंने इस टाइप की फिल्म के लिए सात लोगों को पैसा लगाने के लिए मनाया कैसे होगा।
फिल्म देखकर दिमाग हिल जाएगा
प्रिंस, रक्त चरित्र, जिला गाजियबाद और कंपनी जैसी बेहतरीन फिल्म में जबरदस्त अभिनय करने के बाद विवेक ओबेरॉय को ऐसी फिल्म में काम करता देख दुख तो होता ही है। क्रिंज डायलॉग, वाहियात हरकत और उटपटांग संवाद सुनकर सिने प्रेमियों का दिमाग का पुर्जा पुर्जा हिल जाएगा। जितनी खराब इसकी कहानी है। उससे ज्यादा खराब इसका डायरेक्शन है।
इस फिल्म को देखने के बाद आपको लगेगा कि अच्छे खास एक्टर को कैसे बर्बाद किया जाएगा। रितेश और विवेक ने अपने करियर का सबसे वाहियात काम मस्ती 4 नामक फिल्म में किया है। अफताब के पास तो फिल्में ही नहीं है तो उनका मस्ती 4 में मस्ती करना समझ आता है लेकिन बाकि दो लीड एक्टर्स का नहीं..
मिलाप की सबसे खराब फिल्म
सत्यमेव जयते 2, मरजावां और एक दीवाने की दीवानियत के बाद मिलाप मिलन जावेरी की ये एक और खराब फिल्म है। जिसे फैमिली के साथ देखना मतलब खुद के पैरे में कुल्हाड़ी मारने जैसा है। जिनको अपना टाइम खराब करना है कि उनके लिए ये मस्ट वाच है।
