रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। ओपी चौधरी का कहना है कि पहले पंजीयन विभाग में टूटी-फूटी इमारतें, लंबी कतारें और फाइलों के ढेर में अटकी प्रक्रियाएं आम बात थीं। जनता को इन परेशानियों से मुक्त कराने के लिए हमने पूरे पंजीयन सिस्टम को एकदम आधुनिक, पारदर्शी और सुगम स्वरूप में बदलने का कार्य किया है।
गवाही की जरूरत ही खत्म
ओपी चौधरी ने कहा कि1908 में पुराने पंजीयन कानून में जो व्यवस्थाएं उस दौर के अनुसार थीं जैसे, पहचान के लिए दो गवाह लाना। अब आधार, बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैन से पुरी पहचान डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित होती है। गवाही की जरूरत ही खत्म हो गई है। इसी तरह, 1908 वाले पुराने कानून में गोद लिए बच्चों को पहले केवल ‘गोध पुत्र’ का दर्जा मिलता था, अब उसे भी संशोधन कर ‘गोध संतान’ कर दिया गया है, ताकि पुत्र और पुत्री दोनों समान अधिकार मिल सकें।
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पंजीयन विभाग पूरी तरह आधुनिक
वित्त मंत्री ने बताया कि भूमि रजिस्ट्री में पारदर्शिता लाने के लिए अब खरीदार और विक्रेता की जियो-लोकेशन सहित तस्वीर ‘सुगम’ ऐप पर अपलोड होती है, जिससे फर्जीवाड़े की कोई संभावना नहीं रहती। इन परिवर्तनकारी कदमों से पंजीयन विभाग आज पूरी तरह आधुनिक, डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बन चुका है।
